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फिल्‍म रिव्‍यू 'हैप्‍पी न्‍यू ईयर'

25 October, 2014 1:16 AM
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बॉलीवुड के किंग खान की फिल्‍म का दीवाली में धमाल मचाती है और दर्शक भी उनकी फिल्‍म का इंतजार करते है. इसबार शाहरुख ने फराह खान निर्देशित फिल्‍म 'हैप्‍पी न्‍यू ईयर' का तोहफा दर्शकों को दिया है. फराह ने फिल्‍म में रोमांस,ड्रामा और एक अलग कहानी दर्शकों के लिए परोसी.

'हैप्‍पी न्‍यू ईयर' की कहानी इस तरह शुरू होती है कि चंद्रमोहन शर्मा उर्फ़ चार्ली (शाहरुख ख़ान) के पिता मनोहर (अनुपम खेर) मज़बूत तिजोरी बनाने के माहिर थे. लेकिन चरण ग्रोवर (जैकी श्रॉफ़) उन्हें एक हीरों की चोरी में फंसा कर जेल भिजवा दिया खुदखुशी कर लेते हैं. इधर चार्ली 8 साल तक चरण ग्रोवर से बदला लेने का प्लान बनाता है. इस प्लान के मुताबिक उसे चरण ग्रोवर के तीन सौ करोड़ के हीरे चुराने हैं जो दुबई की एक मज़बूत तिजोरी में रखे हैं. चोरी करने के लिए चार्ली अपनी एक टीम बनाता है.

अभिषेक की भूमिका है नंदू भिड़े की, जो शराबी है. बोमन ईरानी ने एक पारसी का किरदार निभाया है, जो तिजोरी खोलने में माहिर हैं. सोनू सूद को बम बनाना आता है, क्योंकि वह आर्मी में काम कर चुके हैं. विवान कंप्यूटर हैकिंग में माहिर हैं. इनमें से किसी को भी डांस नहीं आता, मगर ये हिस्सा लेते हैं डांस की प्रतिस्पर्धा में, क्योंकि फिल्म की इकलौती हीरोइन दीपिका पादुकोण यानी मोहिनी इनके साथ जुड़ जाती है, जो एक बार डांसर है.

जिस दिन ये सभी हीरे चुराने के लिए दुबई में आने वाले हैं उसी दिन वहां वर्ल्ड डांस चैंपियनशिप का फिनाले हैं. चार्ली पूरी टीम के साथ इस डांस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का फैसला करता है. कारण यह कि इस चैंपियनशिप के बहाने कोई उन पर चोर होने का शक नहीं करेगा. इस काम के लिए वो बार डांसर मोहिनी (दीपिका पदुकोण) को अपनी डांस टीचर बनाते हैं. ज़ाहिर है फिल्म के अंत में वो ना सिर्फ बड़ी आसानी से हीरे चुराते हैं बल्कि वर्ल्ड डांस चैंपियनशिप भी जीत जाते है.

फिल्‍म में इंटरवल से पहले हर एक किरदार की एंट्री होती है वो भी नए तरीके से. इसे देखकर दर्शक सीटी बजा सकते है. ये सीन भी दर्शकों को लुभाता है. हर एक सीन में कॉमेडी करने की कोशिश की गई है. इनमें कुछ सीन पर हंसी भी आती है. ये पूरी टीम बेवकूफों की टीम लगती है और उनके किरदार ज़ाहिर भी यही करते हैं. लेकिन फिर दूसरे भाग में ये फिल्म ख़ुद को सीरियसली लेने लगती है. कहानी का एक अहम ट्रैक डांस पर आधारित है. मशहूर कोरियोग्राफ़र फराह खान लेकिन कहीं कहीं डांस में कमी नजर आती है.

जैकी श्रॉफ़ ने फिल्‍म में विलेन का रोल निभाया है. फिल्‍म में कही-कहीं लगता है कि फिल्‍म चोरी पर आधारित है या डांस पर पता नहीं. कॉमेडी के नाम पर शाहरुख अपने पुराने डायलॉग का बार-बार मज़ाक उड़ाते हैं, अभिषेक बार-बार उल्टी करते हैं, बोमन ईरानी को मिरगी के दौरे पड़ते हैं और सब हंसते हैं, सोनू सूद के बहरेपन का मज़ाक और दीपिका पदुकोण राखी सावंत के अंदाज़ में अंग्रेज़ी बोलने की कॉमेडी. फिल्‍म दर्शकों को हंसाने में कामयाब हुई है. लेकिन थोडी ज्‍यादा लंबी हो गई है.

फिल्‍म में सभी कलाकार बराबर रोल में दिखे है. ऐसा नहीं है कि कोई एक ही नजर आ रहा है. चर्ली की टीम चोरी के बड़े प्लान के साथ आई है लेकिन फिल्म में एक मिनट के लिए भी नहीं लगता कि वो किसी भी लायक हैं. सब कुछ नौटंकीनुमा लगता है. शाहरुख ने वही किया है जो वो अपनी हर एक फिल्म में करते हैं. अभिषेक बच्चन डबल रोल में हैं लेकिन दोनों ही रोल में ओवर एक्टिंग करते नज़र आते हैं. सोनू सूद, बमन ईरानी और विवान शाह ने अपना अपना किरदार ढंग से निभाने की कोशिश की है.

अब बारी आती फिल्‍म के आखिरी पडाव की जिसमें अंत में तीन सौ करोड़ के हीरो चुराने वालों की देशभक्ति भी जागती है और शाहरुख तिरंगे की शान पर एक भाषण भी देते हैं. लेकिन तब तक दर्शक सोच रहे होते हैं कि आख़िर कब ख़त्म होगी ये फिल्म? लंबाई इतनी ज़्यादा है कि फिल्म के कुछ एक अच्छे सीन भी याद नहीं रहते. लेकिन ये डायलॉग याद रहता है कि क़िस्मत बड़ी कुत्ती चीज़ है जो कभी भी पलट सकती है.

Source: prabhatkhabar.com

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