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सीमित ओवरों के प्रारूप में अधिक आश्वस्त हैं : ब्रावो

20 November, 2013 4:42 PM
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टेस्ट सीरीज में शर्मनाक हार झेलने वाली वेस्टइंडीज की वनडे टीम के कप्तान ड्वेन ब्रावो ने कहा कि उनकी टीम सीमित ओवरों के प्रारूप में अधिक सहज महसूस करती है.

ब्रावो ने बुधवार को कहा कि उनकी टीम सीमित ओवरों के प्रारूप में अधिक सहज और आत्मविश्वास से भरी महसूस करती है क्योंकि इसमें उन्हें खुद को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलती है.

ब्रावो ने पहले एकदिवसीय मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘यह प्रारूप (वनडे) अधिक आजादी देता है. टेस्ट मैचों में कौशल और अन्य चीजों के बीच संतुलन का मामला होता है. यहां कहानी पूरी तरह से बदल जाती है. टेस्ट श्रृंखला की हार को हम पीछे छोड़ चुके हैं. हम इस प्रारूप में अधिक सहज होकर और अधिक आत्मविश्वास से खेलते हैं.’’ वनडे श्रृंखला के लिये टीम से जुड़ने वाले ब्रावो ने कहा कि वह चुनौती से वाकिफ हैं और उम्मीद है कि उनके खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता है कि हमारा मुकाबला विश्व चैंपियन से हो रहा है. वह मजबूत टीम है और हम उसका सम्मान करते हैं लेकिन इसके साथ ही हम जानते हैं कि जीत के लिये हमें क्या करना है. यह आसान नहीं है. हमें आगामी एकदिवसीय श्रृंखला में खुद को अच्छी तरह से अभिव्यक्त करना होगा.’’

आस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल की श्रृंखला में लगातार 300 से अधिक के स्कोर बने और ब्रावो ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके गेंदबाज भारतीयों की तुलना में अच्छी गेंदबाजी करें. उन्होंने कहा, ‘‘भिन्न परिस्थितियों, भिन्न स्थानों और भिन्न गेंदबाजों के साथ ऐसा होता है. हमारे गेंदबाज अलग तरह की प्रतिभा रखते हैं. यदि हम इस श्रृंखला में भारत से बेहतर गेंदबाजी कर सकते हैं तो यह हमारे लिये अच्छा होगा.’’

ब्रावो ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वनडे और टी20 क्रिकेट आपको अधिक आजादी देते हैं. एक खिलाड़ी मैच विजेता साबित हो सकता है. इसलिए भारत या श्रीलंका के खिलाफ इस प्रारूप में खेलना हमारे लिये आसान रहता है. यदि आप 50 ओवर के मैच में अच्छा खेलते हो तो श्रृंखला जीत सकते हो.’’

कैरेबियाई टीम में रवि रामपाल और टिनो बेस्ट के रूप में दो अच्छे तेज गेंदबाज है लेकिन ब्रावो चाहते हैं कि उनके गेंदबाज केवल तेजी ही नहीं बल्कि भारतीय परिस्थितियों में सफल होने के लिये विविधतापूर्ण गेंदबाजी करने पर ध्यान दें.

उन्होंने कहा, ‘‘टीम में अच्छे तेज गेंदबाजों का होना बढिया बात है. वे 140 किमी से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं लेकिन यहां भारत में मैदान छोटा होता है और बल्लेबाजों के अनुकूल पिचें होती है. किसी को अपनी कौशल का प्रदर्शन करना होता है तथा बहुत तेजी से गेंद नहीं करनी होती है. जो भी गेंदबाज बहुत अधिक तेजी से गेंदबाजी करने की कोशिश करता है उसे अधिक सफलता नहीं मिली है.’’

इस साल के शुरू में वनडे टीम के कप्तान बने ब्रावो ने कहा कि वह भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करेंगे जिनकी कप्तानी में वह इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते हैं.

Source: samaylive.com

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