अवसाद से बचना है तो भरपूर नींद लें

1 February, 2014 10:48 AM

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वाशिंगटन, एजेंसी। एक अध्ययन से पता चला है कि नींद से वंचित रहना उम्र बढ़ने पर आप में बड़े अवसाद का कारण बन सकता है तथा मनोदशा विकार आप पर हमला कर सकते हैं.

दरअसल, वयस्क जुड़वां लोगों के एक आनुवांशिक अध्ययन व किशोरों के एक समुदाय पर आधारित अध्ययन में सोने की अवधि व अवसाद के बीच अनोखा संबंध पाया गया. नींद की कम तथा ज्यादा अवधि, दोनों ही अवसादी लक्षणों से संबंधित जीनों को सक्रिय करते हैं.

अमेरिकन अकादमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के अध्यक्ष सेफवन ब्रेड ने बताया कि यह नया शोध दर्शाता है कि हम अपनी नींद को प्राथमिकता देकर अपने स्वास्थ्य में एक निवेश कर सकते हैं. शोध के परिणाम के अनुसार, सामान्य से ज्यादा नींद लेने से भी अवसाद के लक्षणों का खतरा हो सकता है.

जुड़वा बच्चों हर रात 8-9 घंटे की सामान्य नींद के साथ अवसादी लक्षणों की अनुवांशिकता 27 फीसदी थी, जबकि हर रात 5 घंटों की नींद लेने वाले जुड़वा लोगों में अवासादी लक्षणों पर आनुवांशिक प्रभाव 53 फीसदी व 10 घंटों की नींद लेने वालों में यह प्रभाव 49 प्रतिशत था. 11 से 17 साल के 4,175 लोगों के एक और अध्ययन में पाया गया किशोरों में कम नींद और अवसाद का पारस्परिक प्रभाव देखा गया.

अध्ययन के अनुसार, 6 या इससे कम घंटों की नींद बड़े अवसाद का खतरा बढ़ाती है. ‘स्लीप’ शोधपत्र में प्रकाशित अध्ययनों में कहा गया कि नींद में सुधार करके अवसाद की मनोचिकित्सा की प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सकता है.

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Source: janoduniya.tv

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