इंडियन मुजाहिद्दीन को पाकिस्तान से मजबूती और मदद: शिंदे

21 November, 2013 8:30 AM

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गृह मंत्री ने कहा कि देश में इस साल हुए चार बड़े धमाकों में से तीन के पीछे आईएम का हाथ था और उसे प्रोत्साहन और मजबूती पाकिस्तान में मौजूद विद्वेषकारी ताकतों से मिल रही है.

सुशील कुमार शिंदे ने पुलिस महानिदेशकों के तीन दिवसीय सम्मेलन में कहा कि इंडियन मुजाहिदीन के कैडरों ने इस साल हैदराबाद में दोहरे बम विस्फोटों को अंजाम दिया और बोधगया और पटना में श्रृंखलाबद्ध विस्फोट किए.

सम्मेलन का आयोजन खुफिया ब्यूरो (इन्टेलिजेन्स ब्यूरो) ने किया है.

गृह मंत्री ने कहा ‘‘इस साल चार बड़े आतंकी हमलों में से तीन के लिए इंडियन मुजाहिदीन ही जिम्मेदार है. इस गुट को प्रोत्साहन और मजबूती देश की पश्चिमी सीमा के दूसरी ओर से काम कर रही विद्वेषकारी ताकतों से मिलती है’’

शिंदे ने कहा कि बेंगलूर में हुए बम विस्फोट के पीछे कुछ दिग्भ्रमित कट्टरपंथी युवाओं और अल-उमा के बचे-खुचे लोगों का हाथ था.

सुरक्षा एजेंसियों के काम की सराहना करते हुए शिंदे ने इंडियन मुजाहिदीन के कथित मास्टरमाइंड यासिन भटकल और अब्दुल करीम की गिरफ्तारी का जिक्र भी किया.

देश में हुए कई बम विस्फोटों में टुंडा के नाम से चर्चित अब्दुल करीम का हाथ समझा जाता है.

भटकल-टुंडा की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता

भटकल और टुंडा की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताते हुए शिंदे ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जांचकर्ताओं से मिली जानकारी पर आगे बढ़ते हुए इस नेटवर्क से जुड़े इन लोगों को पकड़ा गया.

उन्होंने जोर दे कर कहा कि लगातार सतर्क रहने और इन चुनौतियों से निपटने के लिए मिलजुल कर काम करने की जरूरत है.

शिंदे ने कहा कि बहु-एजेंसी-केंद्र (मल्टी एजेंसी सेंटर-एमएसी) का दायरा देश के 450 जिलों से आगे तक बढ़ाया जा रहा है.

गृह मंत्री ने कहा ‘‘मैं मानता हूं कि विभिन्न पक्षों को सूचना देने के लिए जरूरी है कि एमएसी को बहुतायत में जानकारी मिले. ऐसा राज्य पुलिस की विशेष शाखाओं की क्षमता उन्नयन से ही हो सकता है. यह तब ही संभव होगा जब राज्य अपनी विशेष शाखाओं को उन्नत बनाएं जिसके लिए भारत सरकार हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है’’

हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बारे में शिंदे ने कहा कि इनके लिए जिम्मेदार कारण बहुत ही छोटे थे और तत्काल, प्रभावी एवं निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई से इसे टाला जा सकता था.

गृह मंत्री ने कहा ‘‘सभी जिला प्रशासन के लिए पूर्व चेतावनी पण्राली स्थापित करना जरूरत है ताकि सांप्रदायिक मुद्दों का तत्काल पता लगाया जा सके. इसके लिए स्थानीय प्रशासन को सभी समुदायों से, खास कर अशांति की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में लगातार बातचीत करते रहना चाहिए’’.

Source: samaylive.com

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