कर चोरी रोकने के लिए एजेंसी बांटे सूचनाएं:चिदंबरम

12 December, 2013 8:45 AM

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वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कर चोरी रोकने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों को आपस में सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था बनाने को कहा है.

वित्तमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्रालय के पैन डाटा बेस और पूंजी बाजार के डिपॉजिटरी सेवा इकाइयों के पास सूचनाओं का अंबार है. सेवाकर, उत्पाद शुल्क तथा निर्यातकों-आयातकों के संबंध में हमें ऐसी सूचनाओं की जरूरत होती है.

उन्होंने डीआरआई के स्थापना दिवस पर कहा कि संगठनों को मिल-जुलकर काम करना और आपस में बातचीत करना जरूर आना चाहिए.

चिदंबरम ने कहा कि डीआरआई जैसी एजेंसियों के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है और कोई भी संगठन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर बहुत थोड़े समय में अपने आप को नयी आवश्यकता के अनुसार ढाल सकता है.

चिदंबरम ने कहा कि डीआरआई को उपयुक्त व्यक्तियों के चयन, प्रशिक्षण और नियुक्ति पर ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सके.

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के इस एकांश में इस समय 532 अधिकारी और कर्मचारी हैं.

गौरतलब है कि मंत्रिमंडल ने इस तरह के कैडर समीक्षा के प्रस्ताव को मंजूर किया है. इससे कुछ समय में 18,067 पदों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है.

उन्होंने कहा कि इस समय विश्व व्यापार संगठन और अन्य संगठनों में वैश्विक व्यापार में माल की आवाजाही को सुगम बनाने की बात जोरों पर चल रही है. इसका एक पहलू तस्करी, जाली मुद्रा, नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक भी है.

चिदंबरम ने कहा कि किसी भी चीज को गैर-कानूनी या अवैध तरीके से लाना व्यापार विरोधी कार्य है.

ऐसा कोई कदम या उपाय, जो गैर-कानूनी व्यापार पर अंकुश लगाता है, अवैध गतिविधियों को रोकता है, वास्तव में वह व्यापार को सुगम बनाने का काम है और वास्तव में यह व्यापार प्रक्रिया का सरलीकरण है.

Source: samaylive.com

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