चीनी उद्योग और गन्ना मूल्य में संतुलन लाएंगे

22 November, 2013 7:19 PM

39 0

चीनी मिलों के अपना संचालन बंद करने के एलान के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार चाहती है कि चीनी उद्योग बेहतर ढंग से चले. साथ ही किसानों को भी कोई दिक्कत नहीं हो.

मुख्यमंत्री ने रेडियो टैक्सी योजना की शुरुआत के सिलसिले में आयोजित कार्यक्रम से इतर कहा कि सरकार यह संतुलन बनाने की कोशिश में लगी है कि चीनी उद्योग भी चले और किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य भी मिले.

उन्होंने कहा कि गन्ना किसान कभी नहीं चाहेंगे कि चीनी मिलें बंद हों. सरकार भी नहीं चाहेगी कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत हो.

अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार ने सभी पहलुओं को देखते हुए पेराई सत्र 2013-14 के लिये गन्ना के का समर्थन मूल्य तय किया है. सपा सरकार ने गन्ना मूल्य में एक बार में ही 40 रुपये की वृद्धि की थी जबकि पिछली मायावती सरकार 10-10 रुपए बढ़ाती थी.

गौरतलब है कि 225 रुपए प्रति क्विंटल से ज्यादा गन्ना मूल्य देने में असमर्थता जाहिर करते हुए राज्य की 99 में से 65 निजी चीनी मिलों ने गत 19 नवम्बर को अपना संचालन बंद करने का एलान किया था.

उसके अगले ही दिन राज्य सरकार ने पिछले साल के मुकाबले बिना कोई बढ़ोत्तरी किये गन्ना समर्थन मूल्य घोषित कर दिया था. विपक्षी दलों ने इसे चीनी मिलों के दबाव में लिया गया फैसला करार दिया था.

अखिलेश ने पूर्ववर्ती बसपा सरकार भ्रष्टाचार के नये-नये रास्ते खोजती थी लेकिन सपा के सत्ता में आने पर इस पर रोक लगी है.

इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने अपने पिता सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के 74वें जन्मदिन पर 13 जिलों में रेडियो टैक्सी योजना की शुरुआत की.

उन्होंने कहा कि रेडियो टैक्सी योजना अभी कम जिलों में है लेकिन जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों में इसे लागू कर दिया जाएगा. इससे लोगों को बहुत लाभ होगा.

Source: samaylive.com

To category page

Loading...