चीनी हैकरों ने की यूरोपीय देशों की जासूसी?

17 December, 2013 4:47 AM

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चीनी हैकरों ने की यूरोपीय देशों की जासूसी?

अमरीकी सुरक्षा कंपनी 'फ़ायर आई' के मुताबिक पिछली गर्मियों के दौरान चीनी हैकरों ने यूरोपीय संघ के पाँच विदेश मंत्रालयों के कंप्यूटरों की जासूसी की थी.

हैकरों ने सीरिया में संभावित अमरीकी हस्तक्षेप को विस्तार से जानने के लिए मालवेयर (वायरसयुक्त सॉफ्टवेयर) से भरे ईमेल युक्त संदेश भेजे थे.

कम्पनी ने यह खुलासा नहीं किया है कि जासूसी के दौरान किन मंत्रालयों को निशाना बनाया गया. लेकिन फ़ायर आई के मुताबिक ये मैलवेयर जी-20 समिट के दौरान हुई अलग-अलग व्यक्तिगत बातचीत से जुड़े थे.

इस कम्पनी ने बीबीसी को बताया कि कुल नौ कम्प्यूटरों में सेंध लगाकर छेड़छाड़ की गई.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगस्त में एक सप्ताह के लिए वे हैकरों द्वारा प्रयोग किये गए 23 कंप्यूटर सर्वर पर नज़र रखने में सक्षम रहे थे, जिसे उन्होंने एक फ़ाइल के नाम में इसके दुर्भावनापूर्ण कोड प्रयोग के बाद के3 चैंग समूह क़रार दिया.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अनुमान के मुताबिक के3 चैंग समूह 2010 से काम कर रहा है.

फ़ायर आई के मुताबिक पारंपरिक तौर पर इस समूह ने एयरोस्पेस, एनर्जी और विनिर्माण उद्योगों को निशाना बनाया है लेकिन उन्होंने हाई-टेक कंपनियों और सरकारों को भी मालवेयर युक्त ईमेल भेजे हैं.

विलेनेयूव ने बीबीसी को बताया कि अपने ताजा हमलों में इस समूह ने विशेष तौर पर विदेश मंत्रालयों को निशाना बनाया है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि हैकरों के सर्वे तक पहुँचने में उन्होंने किस तरह पैठ बनाई.

हाल के वर्षों में साइबर जासूसी को लेकर चीन औऱ पश्चिमी देशों में लगातार तनाव बढ़ता रहा है.

जून में अमरीकी रक्षा सचिव चक हेगल ने आरोप लगाया था कि चीनी हैकर गुप्त अमरीकी कार्यक्रमों तक पहँचने की कोशिश कर रहे हैं.

Source: bbc.co.uk

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