चाहते थे इंजीनियर बनना, बन गए हीरो फिर सांसद

30 May, 2014 3:49 PM

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मुंबई (एसएनएन) : फिल्म अभिनेता परेश रावल का आज जन्मदिन है. वो आज पूरे 64 साल के हो गए हैं. परेश रावल का जन्म 30 मई 1950 को हुआ था. 22 वर्ष की उम्र में पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई आ गए और सिविल इंजीनियर के रूप में काम पाने के लिए संघर्ष करने लगे. उन्हीं दिनों उनके अभिनय को देखकर कुछ लोगों ने कहा कि वह अभिनेता के रूप में अधिक सफल हो सकते हैं. उन्होंने अपने सिने कैरियर की शुरुआत 1984 में प्रदर्शित फिल्म ‘होली’ से की. इसी फिल्म से आमिर खान ने भी अभिनेता के रूप में अपने सिने कैरियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म के बाद परेश रावल को ‘हिफाजत’, ‘दुश्मन का दुश्मन’, ‘लोरी’ और ‘भगवान दादा’ जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला लेकिन इनसे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हुआ. वर्ष 1986 में परेश रावल को राजेंद्र कुमार निर्मित फिल्म ‘नाम’ में काम करने का अवसर मिला. संजय दत्त और कुमार गौरव अभिनीत इस फिल्म में वह खलनायक की भूमिका में दिखाई दिए. फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई और वह खलनायक के रुप में कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए. वर्ष 1993 परेश रावल के सिने कैरियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ. इस वर्ष उनकी ‘दामिनी’, ‘आदमी’ और ‘मुकाबला’ जैसी सुपरहिट फिल्में रिलीज हुईं. फिल्म ‘सर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ जबकि फिल्म ‘वो छोकरी’ में अपने दमदार अभिनय के लिए वह राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए. वर्ष 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘हेराफेरी’ परेश रावल की सर्वाधिक सफल फिल्म में शुमार की जाती है. प्रियदर्शन निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने बाबू राव गणपत राव आप्टे नामक मकान मालिक का किरदार निभाया. इस फिल्म में परेश रावल, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की तिकड़ी के कारनामों ने दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया. फिल्म की सफलता को देखते हुए 2006 में इसका सीक्वेल ‘फिर हेराफेरी’ बनाया गया. परेश रावल अब तक तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं. वर्ष 1993 में रिलीज हुई फिल्म ‘सर’ के लिए सबसे पहले उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला. इसके बाद 2000 में फिल्म ‘हेराफेरी’ और 2002 में फिल्म ‘आवारा पागल दीवाना’ के लिए भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया. परेश रावल को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. फिल्मों में कई भूमिका निभाने के बाद परेश रावल ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर हाल ही में अहमदाबाद पूर्व से लोकसभा का चुनाव जीता है. परेश रावल की आने वाली फिल्मों में ‘वेलकम बैक’, ‘शौकीन’, ‘राजा नटवरलाल’ और ‘102 नॉकआउट’ प्रमुख हैं. संबंधित खबरें बेटी की सफलता से खुश हैं आमिर अब सिर्फ फिल्मों में ध्यान दूंगी:लारा 'मर्दानी' में कड़क पुलिसवाली बनेंगी रानी गोल्ड की शौकीन हैं कंगना ! राजकुमार राव की कायल हुईं डर्टी गर्ल विद्या खबरों का लगातार अपडेट जानने के लिए आप हमें Facebook पर ज्वॉइन करें. आप हमें Twitter पर भी फॉलो कर सकते हैं.

मुंबई (एसएनएन) : फिल्म अभिनेता परेश रावल का आज जन्मदिन है. वो आज पूरे 64 साल के हो गए हैं. परेश रावल का जन्म 30 मई 1950 को हुआ था. 22 वर्ष की उम्र में पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई आ गए और सिविल इंजीनियर के रूप में काम पाने के लिए संघर्ष करने लगे. उन्हीं दिनों उनके अभिनय को देखकर कुछ लोगों ने कहा कि वह अभिनेता के रूप में अधिक सफल हो सकते हैं.

मुंबई (एसएनएन) : फिल्म अभिनेता परेश रावल का आज जन्मदिन है. वो आज पूरे 64 साल के हो गए हैं. परेश रावल का जन्म 30 मई 1950 को हुआ था. 22 वर्ष की उम्र में पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई आ गए और सिविल इंजीनियर के रूप में काम पाने के लिए संघर्ष करने लगे. उन्हीं दिनों उनके अभिनय को देखकर कुछ लोगों ने कहा कि वह अभिनेता के रूप में अधिक सफल हो सकते हैं.

उन्होंने अपने सिने कैरियर की शुरुआत 1984 में प्रदर्शित फिल्म ‘होली’ से की. इसी फिल्म से आमिर खान ने भी अभिनेता के रूप में अपने सिने कैरियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म के बाद परेश रावल को ‘हिफाजत’, ‘दुश्मन का दुश्मन’, ‘लोरी’ और ‘भगवान दादा’ जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला लेकिन इनसे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हुआ. वर्ष 1986 में परेश रावल को राजेंद्र कुमार निर्मित फिल्म ‘नाम’ में काम करने का अवसर मिला. संजय दत्त और कुमार गौरव अभिनीत इस फिल्म में वह खलनायक की भूमिका में दिखाई दिए. फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई और वह खलनायक के रुप में कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए.

उन्होंने अपने सिने कैरियर की शुरुआत 1984 में प्रदर्शित फिल्म ‘होली’ से की. इसी फिल्म से आमिर खान ने भी अभिनेता के रूप में अपने सिने कैरियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म के बाद परेश रावल को ‘हिफाजत’, ‘दुश्मन का दुश्मन’, ‘लोरी’ और ‘भगवान दादा’ जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला लेकिन इनसे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हुआ. वर्ष 1986 में परेश रावल को राजेंद्र कुमार निर्मित फिल्म ‘नाम’ में काम करने का अवसर मिला. संजय दत्त और कुमार गौरव अभिनीत इस फिल्म में वह खलनायक की भूमिका में दिखाई दिए. फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई और वह खलनायक के रुप में कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए.

वर्ष 1993 परेश रावल के सिने कैरियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ. इस वर्ष उनकी ‘दामिनी’, ‘आदमी’ और ‘मुकाबला’ जैसी सुपरहिट फिल्में रिलीज हुईं. फिल्म ‘सर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ जबकि फिल्म ‘वो छोकरी’ में अपने दमदार अभिनय के लिए वह राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए.

वर्ष 1993 परेश रावल के सिने कैरियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ. इस वर्ष उनकी ‘दामिनी’, ‘आदमी’ और ‘मुकाबला’ जैसी सुपरहिट फिल्में रिलीज हुईं. फिल्म ‘सर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ जबकि फिल्म ‘वो छोकरी’ में अपने दमदार अभिनय के लिए वह राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए.

वर्ष 2000 में रिलीज हुई फिल्म ‘हेराफेरी’ परेश रावल की सर्वाधिक सफल फिल्म में शुमार की जाती है. प्रियदर्शन निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने बाबू राव गणपत राव आप्टे नामक मकान मालिक का किरदार निभाया. इस फिल्म में परेश रावल, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की तिकड़ी के कारनामों ने दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया. फिल्म की सफलता को देखते हुए 2006 में इसका सीक्वेल ‘फिर हेराफेरी’ बनाया गया.

Source: shrinews.com

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