देवयानी मामला : अमेरिका का दो टूक जवाब-न माफी मागेंगे,न वापस लेंगे आरोप

21 December, 2013 2:21 AM

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अमेरिका ने राजनयिक देवयानी खोबरागड़े मामले में आरोप वापस लेने और माफी मांगने संबंधी भारत की मांगों को अस्वीकार कर दिया है.

उन्होंने अमेरिकी सरकारी अभियोजक प्रीत भराड़ा के बेहद सख्त बयान से विदेश मंत्रालय को अलग किए जाने से इनकार किया. भराड़ा के बयान को भारत में काफी सख्त बयान के रूप में देखा गया है.

राजनीतिक मामलों के लिए विदेश राज्य मंत्री वेंडी शेरमन और भारत की विदेश सचिव सुजाता सिंह के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद इस प्रकार की रिपोर्टे आयी हैं.

खुर्शीद ने दिल्ली में मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा था कि उनकी कैरी के साथ बातचीत की कोई योजना थी.

उन्होंने बताया कि कैरी छुट्टियों में परिवार के साथ हैं और वह छुट्टियों के बाद वाशिंगटन लौटेंगे.

एक दिन पहले कैरी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन से फोन पर बात की थी और देवयानी के साथ कथित बदसलूकी पर खेद जताया था. भारतीय राजनयिक को वीजा जालसाजी आरोपों पर गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके साथ कथित बुरे बर्ताव की खबरें हैं.

कैरी के फोन करने से दोनों देशों के बीच संबंधों में अचानक बढ़ा तनाव शांत होता दिख रहा था.

हर्फ ने भारत के इन आरोपों को ‘बेहद गलत’ बताया कि अमेरिका ने उसके द्वारा भेजे गए पत्रों और बातचीत का कोई जवाब नहीं दिया.

उन्होंने कहा, ‘ यह कहना बेहद गलत है कि हमने इस मुद्दे पर भारत सरकार के किसी संदेश को नजरअंदाज किया.’ लेकिन उन्होंने मामले की कानूनी प्रकृति को देखते हुए इस बारे में ब्यौरा देने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा कि इस मामले में मुद्दों को लेकर भारत और अमेरिका की व्याख्याओं तथा आरोपों ने पूरे परिदृश्य में एक भूमिका अदा की है.

हर्फ ने कहा कि उन्हें खोबरागड़े को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में स्थानांतरित किए जाने के संबंध में भारत सरकार की ओर से कोई अपील नहीं मिली है.

भारत ने कहा है कि इस कदम से देवयानी को जरूरी राजनयिक छूट मिलेगी. हर्फ ने हालांकि कहा कि यह छूट पूर्व प्रभावी नहीं होगी.

लापता भारतीय नौकरानी के परिवार के करीबी सदस्यों को वीजा उपलब्ध कराने के अमेरिकी सरकार के फैसले का बचाव करते हुए हर्फ ने कहा कि यह परिवार को मिलाने के प्रयासों का हिस्सा था.

1999 बैच की 39 वर्षीय आईएफएस अधिकारी देवयानी को 12 दिसंबर को वीजा जालसाजी के आरोपों में विदेश विभाग के राजनयिक सुरक्षा ब्यूरो ने गिरफ्तार कर अमेरिकी मार्शल्स सर्विस को सौंप दिया था. राजनयिक न्यूयार्क में भारत के स्थायी मिशन में नियुक्त हैं.

उधर, अपनी शिकायत में नौकरानी ने देवयानी पर उसे कम वेतन देकर और अधिक घंटे काम करवा कर अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.

देवयानी को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थी. बाद में उन्होंने अदालत में खुद को निर्दोष बताया जिसके बाद उन्हें 250,000 अमेरिकी डॉलर के मुचलके पर रिहा किया गया.

Source: samaylive.com

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