प्रमोशन के मारे सनी साब बेचारे !

22 November, 2013 6:20 AM

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प्रमोशन के मारे सनी साब बेचारे !

पर्दे पर विलेन का खून बहाने वाले सनी देओल ने अपनी नई फिल्म ‘सिंह साब द ग्रेट’ के लिए जमकर पसीना बहाया है. फिल्म तो 11 महीने में ही पूरी हो गई लेकिन प्रमोशन में जुटे सनी देओल के लिए पिछले दो महीने काफी भारी गुजरे. कभी बिग बॉस के सेट पर सनी देओल को ठुमके लगाने पड़े तो कभी ‘सीआईडी’ के साथ केस सुलझाने में सड़कों की खाक छाननी पड़ी.. ‘कॉमेडी नाइट्स…’ में कपिल के घर पहुंचकर भी सनी देओल ने वो सब किया जो वो अपनी फिल्मों में करने से परहेज करते हैं!

दरअसल फिल्म तो सितारे अपनी मर्जी से बना लेते हैं लेकिन जब बात प्रमोशन की आती है तो दशकों पुराने डायलॉग और सीन से लेकर नाच-गाना सबकुछ करना पड़ जाता है. अब तीस साल के करियर में पहली बार सनी देओल को इन सबका सामना करना पड़ा और ‘सिंह साब’ इससे बच नहीं पाए!

हाल के सालों में सनी अपनी फिल्मों के प्रमोशन से दूर रहा करते थे और म्यूजिक रिलीज, प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसे कार्यक्रमों में तो शरीक हो जाते थे लेकिन रिएलिटी शो के दरवाजों पर नहीं जाया करते थे. अब जबकि साथी कलाकारों से शोहरत का फासला बढ़ गया है तो ‘सिंह साब’ ने उनकी राह पकड़ी है.

कोई तेरह साल पहले ‘गदर’ रिलीज हुई थी तब उम्मीद से परे सनी देओल के एक्शन ने धमाल मचा दिया था। नब्बे के दशक में एक्शन का दूसरा नाम सनी देओल हुआ करते हुए थे.. एक्शन का मतलब ही था सनी देओल की मारधाड़.. वक्त बीता, सनी देओल ने एक्शन के साथ इमोशन और ट्रैजडी-कॉमेडी में भी हाथ आजमाने शुरू किए और एक्शन उनसे छूटता चला गया.. नतीजा ये हुआ कि उनके एक्शन को खान, कपूर, कुमार ने संभाल लिया और बची-खुची कसर साउथ फिल्मों के रीमेक ने पूरी कर दी.. सनी ‘सीन’ से गायब होते चले गए लेकिन अब वो वापस लौटे हैं.. घातक, जिद्दी, गदर जैसे एक्शन के साथ.

57 साल के सनी देओल के लिए उतनी मुश्किल फिल्म के एक्शन में नहीं हुई जितनी प्रमोशन को लेकर होती रही.. मीडिया और प्रमोशन से दूर रहे सनी देओल मानते हैं कि आज के दौर में एक्टर प्रोडक्ट बन चुका है और उसे खुद को बेचना पड़ता है ! सनी प्रमोशन के दौरान भी कई बार कह चुके हैं कि आज के दौर में कहानी पीछे छूट गई है और मार्केटिंग आगे बढ़ गई है.. हालांकि हकीकत ये भी है कि इसी मार्केटिंग और एक्शन के फॉर्मूले की बदौलत सनी देओल वापस वो जगह पाना चाहते हैं जिसे पिछले दशक में उन्होंने गंवा दिया था !

बेताब से शुरू हुआ करियर घायल, घातक, दामिनी, जिद्दी तक जारी रहा.. तीस साल के करियर में सनी देओल का ‘गदर’ से शिखर पर पहुंचे थे. उसके बाद वो साल में दो से लेकर छह फिल्मों में नजर आए लेकिन वैसी कामयाबी फिर हासिल नहीं हो पाई.. पूरे परिवार के साथ पर्दे पर लौटे सनी देओल को दर्शकों ने यमला पगला दीवाना में तो पसंद किया लेकिन उसका सीक्वल औंधे मुंह गिर पड़ा.. अब हारकर सनी देओल पुराने एक्शन की ओर लौटे हैं जहां एक्शन ही कहानी है और कहानी सिर्फ एक्शन को जोड़ने के लिए धागा है.. सनी ने भी प्रमोशन की राह पकड़ी है और उन्हें उम्मीद है कि सफलता का ये फॉर्मूला उनके लिए भी फायदे का सौदा बनेगा !

Source: abpnews.newsbullet.in

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