रीटेल सेक्टर में बंपर नौकरियां !

6 December, 2013 9:36 AM

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नई दिल्ली (एसएनएन): जॉब की तलाश करने वालों के अच्छी खबर है क्योंकि गुंड़गांव में रीटेल सेक्टर से जुड़ी करीब 51,000 स्किल्ड वर्कर्स और प्रोफेशनल्स के लिए नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इसको लेकर काफी उत्साहित हैं. फ्रेंचाइज इंडिया के चेयरमैन गौरव मार्या के मुताबिक रीटेल बिजनेस के 2014 से 2016 के बीच करीब 35 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ने की उम्मीद है. कई बड़े प्रोजेक्ट्स इन दो वर्षों में पूरे होने हैं. मार्या ने कहा इस ग्रोथ की तर्ज पर ही जॉब सेक्टर में भी ग्रोथ होगी. 2004-2008 के बीच गुड़गांव में रीटेल सेक्टर में करीब 10,000 नौकरियां पैदा हुई. 2008 के बाद हालांकि इसको धक्का लगा था. जब ग्लोबल स्लोडाउन की वजह से मार्केट और सेंटीमेंट बुरी तरह से गड़बड़ा गए. हालांकि पिछले दो वर्ष में यह सेक्टर फिर से ग्रोथ के रास्ते पर लौटा है. मार्या का ग्रुप पूरे देश में रीटेल सेक्टर में बिजनेस फ्रेंचाइज अपॉर्च्युनिटीज मुहैया कराता है. यूनिसॉन इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर उदित मित्तल भी मार्या से इत्तेफाक रखते हैं. मित्तल के मुताबिक कई शोरूम और डिपार्टमेंट स्टोर्स गुड़गांव आ रहे हैं. इससे रीटेल सेक्टर में बड़े कारोबारी मौके पैदा हो रहे हैं. मित्तल का 100 से ज्यादा रीटेल यूनिट्स के साथ टाइअप है. वह इन यूनिट्स को हायरिंग प्रोसेस में मदद देते हैं और मैनेजमेंट के अलग-अलग लेवल पर क्वॉलिटी मैनपावर मुहैया कराते हैं. उन्होंने कहा कि गुड़गांव में रीटेल बिजनेस के लिए काफी स्पेस है. गुड़गांव में प्रोफेशनल्स, हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स और ब्रांडेड चीजों की खरीदारी करने वाले कंज्यूमर्स जैसे सभी अनुकूल फैक्टर मौजूद हैं. एचआर एक्सपर्ट्स का कहना है कि फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई) से इस सेक्टर में मौकों का दरवाजा खुल जाएगा. सरकार का मल्टिब्रैंड रीटेल में 51 फीसदी एफडीआई और सिंगल ब्रैंड रीटेल में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी देने का फैसला जॉब के मोर्चे पर भी खुशियां लाएगा. मित्तल ने कहा एफडीआई का फैसला गुड़गांव में ही जॉब में 30 से 40 फीसदी ग्रोथ पैदा करेगा. आपको बता दें कि भारतीय रीटेल इंडस्ट्री 2010 से 2012 के बीच 10.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. इसके 2015 तक बढ़कर 750 अरब डॉलर से 850 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है. मैनसर कंसल्टिंग के सीईओ सत्य डी सिन्हा ने कहा भारत में हमें 2022 तक 1.7 करोड़ ट्रेन्ड रीटेल प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. गुड़गांव में ही कुल रिटेल जॉब्स का करीब 3 फीसदी हिस्सा खप जाएगा. डिजीवर्ल्ड के सीईओ जयदीप राठौर के मुताबिक गुड़गांव बिजनेस के लिए एक जबरदस्त मौका पेश कर रहा है. कोई भी नया ब्रैंड इस मार्केट से दूर नहीं रहना चाहता है. उन्होंने कहा कि गुड़गांव एक जबरदस्त मुनाफा पैदा करने वाली लोकेशन है. यह रीटेल आउटलेट से लेकर कॉरपोरेट ऑफिस दोनों के लिए शानदार कारोबारी अवसर मुहैया करा रहा है. कई ब्रांड्स ने इस मार्केट का फायदा उठाने और विस्तार करने के लिए योजनाएं बनाई हैं. ये अपनी बिजनेस सेल्स बढ़ाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सिन्हा का कहना हैं रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि 2013 में गुड़गांव में 66.6 लाख वर्गफुट रीटेल स्पेस की डिमांड है. यह साफ संकेत है कि इस शहर पर स्लोडाउन का कोई असर नहीं है. ऐसे में गुड़गांव में रह लोगों की परचेजिंग पावर का अंदाजा लगाते हुए इनवेस्टर्स रिटेल सेक्टर में आगे बढ़ने के तरीके ढूंढ रहे हैं. संबंधित खबरें बंद होंगी LIC की कई पॉलिसियां डेबिट-क्रेडिट कार्ड अब और सेफ होगा ब्रिटेन से भारत आएंगी नौकरियां ! खबरों का लगातार अपडेट जानने के लिए आप हमें Facebook पर ज्वॉइन करें. आप हमें Twitter पर भी फॉलो कर सकते हैं.

रीटेल सेक्टर से जुड़ी करीब 51,000 स्किल्ड वर्कर्स और प्रोफेशनल्स के लिए नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इसको लेकर काफी उत्साहित हैं.

फ्रेंचाइज इंडिया के चेयरमैन गौरव मार्या के मुताबिक रीटेल बिजनेस के 2014 से 2016 के बीच करीब 35 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ने की उम्मीद है. कई बड़े प्रोजेक्ट्स इन दो वर्षों में पूरे होने हैं. मार्या ने कहा इस ग्रोथ की तर्ज पर ही जॉब सेक्टर में भी ग्रोथ होगी. 2004-2008 के बीच गुड़गांव में रीटेल सेक्टर में करीब 10,000 नौकरियां पैदा हुई. 2008 के बाद हालांकि इसको धक्का लगा था. जब ग्लोबल स्लोडाउन की वजह से मार्केट और सेंटीमेंट बुरी तरह से गड़बड़ा गए. हालांकि पिछले दो वर्ष में यह सेक्टर फिर से ग्रोथ के रास्ते पर लौटा है. मार्या का ग्रुप पूरे देश में रीटेल सेक्टर में बिजनेस फ्रेंचाइज अपॉर्च्युनिटीज मुहैया कराता है.

यूनिसॉन इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर उदित मित्तल भी मार्या से इत्तेफाक रखते हैं. मित्तल के मुताबिक कई शोरूम और डिपार्टमेंट स्टोर्स गुड़गांव आ रहे हैं. इससे रीटेल सेक्टर में बड़े कारोबारी मौके पैदा हो रहे हैं. मित्तल का 100 से ज्यादा रीटेल यूनिट्स के साथ टाइअप है. वह इन यूनिट्स को हायरिंग प्रोसेस में मदद देते हैं और मैनेजमेंट के अलग-अलग लेवल पर क्वॉलिटी मैनपावर मुहैया कराते हैं. उन्होंने कहा कि गुड़गांव में रीटेल बिजनेस के लिए काफी स्पेस है. गुड़गांव में प्रोफेशनल्स, हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स और ब्रांडेड चीजों की खरीदारी करने वाले कंज्यूमर्स जैसे सभी अनुकूल फैक्टर मौजूद हैं.

यूनिसॉन इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर उदित मित्तल भी मार्या से इत्तेफाक रखते हैं. मित्तल के मुताबिक कई शोरूम और डिपार्टमेंट स्टोर्स गुड़गांव आ रहे हैं. इससे रीटेल सेक्टर में बड़े कारोबारी मौके पैदा हो रहे हैं. मित्तल का 100 से ज्यादा रीटेल यूनिट्स के साथ टाइअप है. वह इन यूनिट्स को हायरिंग प्रोसेस में मदद देते हैं और मैनेजमेंट के अलग-अलग लेवल पर क्वॉलिटी मैनपावर मुहैया कराते हैं. उन्होंने कहा कि गुड़गांव में रीटेल बिजनेस के लिए काफी स्पेस है. गुड़गांव में प्रोफेशनल्स, हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स और ब्रांडेड चीजों की खरीदारी करने वाले कंज्यूमर्स जैसे सभी अनुकूल फैक्टर मौजूद हैं.

एचआर एक्सपर्ट्स का कहना है कि फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई) से इस सेक्टर में मौकों का दरवाजा खुल जाएगा. सरकार का मल्टिब्रैंड रीटेल में 51 फीसदी एफडीआई और सिंगल ब्रैंड रीटेल में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी देने का फैसला जॉब के मोर्चे पर भी खुशियां लाएगा. मित्तल ने कहा एफडीआई का फैसला गुड़गांव में ही जॉब में 30 से 40 फीसदी ग्रोथ पैदा करेगा.

एचआर एक्सपर्ट्स का कहना है कि फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई) से इस सेक्टर में मौकों का दरवाजा खुल जाएगा. सरकार का मल्टिब्रैंड रीटेल में 51 फीसदी एफडीआई और सिंगल ब्रैंड रीटेल में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी देने का फैसला जॉब के मोर्चे पर भी खुशियां लाएगा. मित्तल ने कहा एफडीआई का फैसला गुड़गांव में ही जॉब में 30 से 40 फीसदी ग्रोथ पैदा करेगा.

आपको बता दें कि भारतीय रीटेल इंडस्ट्री 2010 से 2012 के बीच 10.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. इसके 2015 तक बढ़कर 750 अरब डॉलर से 850 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है. मैनसर कंसल्टिंग के सीईओ सत्य डी सिन्हा ने कहा भारत में हमें 2022 तक 1.7 करोड़ ट्रेन्ड रीटेल प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. गुड़गांव में ही कुल रिटेल जॉब्स का करीब 3 फीसदी हिस्सा खप जाएगा. डिजीवर्ल्ड के सीईओ जयदीप राठौर के मुताबिक गुड़गांव बिजनेस के लिए एक जबरदस्त मौका पेश कर रहा है. कोई भी नया ब्रैंड इस मार्केट से दूर नहीं रहना चाहता है. उन्होंने कहा कि गुड़गांव एक जबरदस्त मुनाफा पैदा करने वाली लोकेशन है. यह रीटेल आउटलेट से लेकर कॉरपोरेट ऑफिस दोनों के लिए शानदार कारोबारी अवसर मुहैया करा रहा है.

आपको बता दें कि भारतीय रीटेल इंडस्ट्री 2010 से 2012 के बीच 10.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. इसके 2015 तक बढ़कर 750 अरब डॉलर से 850 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है. मैनसर कंसल्टिंग के सीईओ सत्य डी सिन्हा ने कहा भारत में हमें 2022 तक 1.7 करोड़ ट्रेन्ड रीटेल प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. गुड़गांव में ही कुल रिटेल जॉब्स का करीब 3 फीसदी हिस्सा खप जाएगा. डिजीवर्ल्ड के सीईओ जयदीप राठौर के मुताबिक गुड़गांव बिजनेस के लिए एक जबरदस्त मौका पेश कर रहा है. कोई भी नया ब्रैंड इस मार्केट से दूर नहीं रहना चाहता है. उन्होंने कहा कि गुड़गांव एक जबरदस्त मुनाफा पैदा करने वाली लोकेशन है. यह रीटेल आउटलेट से लेकर कॉरपोरेट ऑफिस दोनों के लिए शानदार कारोबारी अवसर मुहैया करा रहा है.

कई ब्रांड्स ने इस मार्केट का फायदा उठाने और विस्तार करने के लिए योजनाएं बनाई हैं. ये अपनी बिजनेस सेल्स बढ़ाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सिन्हा का कहना हैं रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि 2013 में गुड़गांव में 66.6 लाख वर्गफुट रीटेल स्पेस की डिमांड है. यह साफ संकेत है कि इस शहर पर स्लोडाउन का कोई असर नहीं है. ऐसे में गुड़गांव में रह लोगों की परचेजिंग पावर का अंदाजा लगाते हुए इनवेस्टर्स रिटेल सेक्टर में आगे बढ़ने के तरीके ढूंढ रहे हैं.

कई ब्रांड्स ने इस मार्केट का फायदा उठाने और विस्तार करने के लिए योजनाएं बनाई हैं. ये अपनी बिजनेस सेल्स बढ़ाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सिन्हा का कहना हैं रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि 2013 में गुड़गांव में 66.6 लाख वर्गफुट रीटेल स्पेस की डिमांड है. यह साफ संकेत है कि इस शहर पर स्लोडाउन का कोई असर नहीं है. ऐसे में गुड़गांव में रह लोगों की परचेजिंग पावर का अंदाजा लगाते हुए इनवेस्टर्स रिटेल सेक्टर में आगे बढ़ने के तरीके ढूंढ रहे हैं.

Source: shrinews.com

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