रामविलास ने कहा, देश के 12 राज्यों में लागू खाद्य सुरक्षा कानून

15 June, 2014 7:38 AM

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केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने आज कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून को अभी तक देश के 12 राज्यों ने लागू किया है.

नयी दिल्ली:दिलीप कुमार और मधुबाला का रिश्ता शादी की गांठ से बंधा होता अगर मधुबाला के पिता इस बंधन के साथ व्यापारिक संबंधों को बढाने के बारे में नहीं सोचते ऐसा करना अभिनेता दिलीप कुमार के लिए न तो अच्छा ही होता और न ही उन्हें ये गवारा था कि कोई और उनके उभरते करियर की दिशा को निर्धारित करे.

हाल ही में जारी अपनी आत्मकथा दिलीप कुमार 'द सबस्टेंस एंड द शैडो' में 91 वर्षीय दिलीप ने अपने और मधुबाला के रिश्ते के बारे में ये बातें साझा की हैं जो आज भी सिनेमा के प्रशंसकांे को रोमांचित करती हैं. 1951 में मधुबाला के साथ ‘तराना’ में काम करने वाले भारतीय चित्रपट के मुख्य स्तंभों में से एक दिलीप उनके बारे में यादें बांटते हुए उन्हें एक अच्छा कलाकार होने के साथ ही एक ‘‘बेहद जिंदादिल और जीवटता से भरपूर’’ इंसान बताते हैं.

हे हाउस द्वारा प्रकाशित अपनी किताब में उन्होंने लिखा, ‘‘मैं यह स्वीकार करता हूं कि मैं मधुबाला के साथी कलाकार और अच्छे इंसान दोनों रुपों के प्रति आकर्षण में बंधा था. उसमें वे सभी गुण मौजूद थे जिसकी एक औरत में मैं उस समय होने की आशा रखता था. जैसा कि मैंने पहले कहा कि वो बहुत जिंदादिल और जीवंत थी जिसने मेरे शर्मीलेपन और संकोच को बिना किसी प्रयास के दूर किया.’’ के. आसिफ की ‘मुगल ए आजम’ में उनकी जोडी ने खूब सुर्खियां बटोरी थी क्योंकि उनके भावनात्मक लगाव की अफवाहें जोरों पर थीं. इससे निर्देशक आसिफ बहुत खुश थे. मधुबाला ने आसिफ के सामने दिलीप के प्रति अपने लगाव के रहस्य को भी जाहिर किया था और आसिफ उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करते थे.

नयी दिल्ली:दिलीप कुमार और मधुबाला का रिश्ता शादी की गांठ से बंधा होता अगर मधुबाला के पिता इस बंधन के साथ व्यापारिक संबंधों को बढाने के बारे में नहीं सोचते ऐसा करना अभिनेता दिलीप कुमार के लिए न तो अच्छा ही होता और न ही उन्हें ये गवारा था कि कोई और उनके उभरते करियर की दिशा को निर्धारित करे.

हाल ही में जारी अपनी आत्मकथा दिलीप कुमार 'द सबस्टेंस एंड द शैडो' में 91 वर्षीय दिलीप ने अपने और मधुबाला के रिश्ते के बारे में ये बातें साझा की हैं जो आज भी सिनेमा के प्रशंसकांे को रोमांचित करती हैं. 1951 में मधुबाला के साथ ‘तराना’ में काम करने वाले भारतीय चित्रपट के मुख्य स्तंभों में से एक दिलीप उनके बारे में यादें बांटते हुए उन्हें एक अच्छा कलाकार होने के साथ ही एक ‘‘बेहद जिंदादिल और जीवटता से भरपूर’’ इंसान बताते हैं.

हे हाउस द्वारा प्रकाशित अपनी किताब में उन्होंने लिखा, ‘‘मैं यह स्वीकार करता हूं कि मैं मधुबाला के साथी कलाकार और अच्छे इंसान दोनों रुपों के प्रति आकर्षण में बंधा था. उसमें वे सभी गुण मौजूद थे जिसकी एक औरत में मैं उस समय होने की आशा रखता था. जैसा कि मैंने पहले कहा कि वो बहुत जिंदादिल और जीवंत थी जिसने मेरे शर्मीलेपन और संकोच को बिना किसी प्रयास के दूर किया.’’ के. आसिफ की ‘मुगल ए आजम’ में उनकी जोडी ने खूब सुर्खियां बटोरी थी क्योंकि उनके भावनात्मक लगाव की अफवाहें जोरों पर थीं. इससे निर्देशक आसिफ बहुत खुश थे. मधुबाला ने आसिफ के सामने दिलीप के प्रति अपने लगाव के रहस्य को भी जाहिर किया था और आसिफ उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करते थे.

Source: prabhatkhabar.com

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