लवगुरू देंगे पहली पत्नी को गुजारा भत्ता

10 January, 2014 7:35 AM

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पटना (एसएनएन): अपनी शिष्या जूली के साथ 'लिव इन रिलेशनशिप' में प्यार की पढ़ाई पढ़ाने पढ़ाने वाले पटना विश्वविद्यालय के लव गुरु प्रो. मटुकनाथ चौधरी के लिए बुरी खबर है. पटना की निचली अदालत ने उन्हें जोर का झटका जोरों से दिया है. पटना जिला न्यायालय के मजिस्ट्रेट अनिल कुमार राम ने 'लवगुरु' को अपनी पत्नी आभा चौधरी को भरण-पोषण के लिए प्रत्येक महीने पंद्रह हजार रुपये देने का निर्देश दिया है. अभी तक प्रोफेसर साहब अपनी पत्नी आभा के उत्तरदायित्व से बच रहे थे. मजिस्ट्रेट ने फिलहाल अंतरिम फैसला सुनाया है. जीवनयापन भत्ते की राशि में बढ़ोतरी की भी संभावना है. पत्नी को मुकदमे में आए खर्च की राशि मिल सकती है. गुरु जी की धर्मपत्नी आभा निर्वासित जिंदगी जी रही हैं. वे 2007 से पति से कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. छह महीने से उनका मामला आर्डर पर चल रहा था. अब फैसला सुना दिया गया है. यह घरेलू हिंसा कानून में नए तरह का फैसला है. आभा को इस बात का मलाल था कि जूली के आगे गुरु जी सबकुछ भूल गये. उन्हें अलग-थलग जिदंगी जीने के लिए बाध्य कर दिया गया. आभा चौधरी की वकील श्रुति सिंह बताती हैं, जब पटना विश्वविद्यालय के प्रो मटुकनाथ पर मुकदमा दायर किया गया था, उस समय उनका वेतन 44 हजार रुपये प्रतिमाह था. इसमें बढ़ोतरी होती गयी. अभी वे प्रतिमाह करीब सवा लाख रुपये पाते हैं. ध्यान रहे कि पहले गुरुजी को निलंबित किया गया. उनका मकान भी खाली कराया गया. उन्हें तीन वषों तक नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा. हालांकि आभा को अब भी भरोसा है कि देर-सबेर गुरुजी घर लौट आएंगे. संबंधित खबरें RSS की नसीहत, ‘AAP’को हल्के में ना लें चुनाव आयोग नहीं करेगा गूगल से करार! 'झाड़ू' पर घमासान, मामला पहुंचा हाईकोर्ट दिल्ली से जल्द खत्म होगा भ्रष्टाचार: CM 'पहले आता लोकपाल तो आज AAP नहीं होता' खबरों का लगातार अपडेट जानने के लिए आप हमें Facebook पर ज्वॉइन करें. आप हमें Twitter पर भी फॉलो कर सकते हैं.

पटना (एसएनएन): अपनी शिष्या जूली के साथ 'लिव इन रिलेशनशिप' में प्यार की पढ़ाई पढ़ाने पढ़ाने वाले पटना विश्वविद्यालय के लव गुरु प्रो. मटुकनाथ चौधरी के लिए बुरी खबर है. पटना की निचली अदालत ने उन्हें जोर का झटका जोरों से दिया है. पटना जिला न्यायालय के मजिस्ट्रेट अनिल कुमार राम ने 'लवगुरु' को अपनी पत्नी आभा चौधरी को भरण-पोषण के लिए प्रत्येक महीने पंद्रह हजार रुपये देने का निर्देश दिया है.

पटना (एसएनएन): अपनी शिष्या जूली के साथ 'लिव इन रिलेशनशिप' में प्यार की पढ़ाई पढ़ाने पढ़ाने वाले पटना विश्वविद्यालय के लव गुरु प्रो. मटुकनाथ चौधरी के लिए बुरी खबर है. पटना की निचली अदालत ने उन्हें जोर का झटका जोरों से दिया है. पटना जिला न्यायालय के मजिस्ट्रेट अनिल कुमार राम ने 'लवगुरु' को अपनी पत्नी आभा चौधरी को भरण-पोषण के लिए प्रत्येक महीने पंद्रह हजार रुपये देने का निर्देश दिया है.

अभी तक प्रोफेसर साहब अपनी पत्नी आभा के उत्तरदायित्व से बच रहे थे. मजिस्ट्रेट ने फिलहाल अंतरिम फैसला सुनाया है. जीवनयापन भत्ते की राशि में बढ़ोतरी की भी संभावना है. पत्नी को मुकदमे में आए खर्च की राशि मिल सकती है.

गुरु जी की धर्मपत्नी आभा निर्वासित जिंदगी जी रही हैं. वे 2007 से पति से कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. छह महीने से उनका मामला आर्डर पर चल रहा था. अब फैसला सुना दिया गया है. यह घरेलू हिंसा कानून में नए तरह का फैसला है.

गुरु जी की धर्मपत्नी आभा निर्वासित जिंदगी जी रही हैं. वे 2007 से पति से कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. छह महीने से उनका मामला आर्डर पर चल रहा था. अब फैसला सुना दिया गया है. यह घरेलू हिंसा कानून में नए तरह का फैसला है.

आभा को इस बात का मलाल था कि जूली के आगे गुरु जी सबकुछ भूल गये. उन्हें अलग-थलग जिदंगी जीने के लिए बाध्य कर दिया गया. आभा चौधरी की वकील श्रुति सिंह बताती हैं, जब पटना विश्वविद्यालय के प्रो मटुकनाथ पर मुकदमा दायर किया गया था, उस समय उनका वेतन 44 हजार रुपये प्रतिमाह था. इसमें बढ़ोतरी होती गयी. अभी वे प्रतिमाह करीब सवा लाख रुपये पाते हैं.

ध्यान रहे कि पहले गुरुजी को निलंबित किया गया. उनका मकान भी खाली कराया गया. उन्हें तीन वषों तक नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा. हालांकि आभा को अब भी भरोसा है कि देर-सबेर गुरुजी घर लौट आएंगे.

ध्यान रहे कि पहले गुरुजी को निलंबित किया गया. उनका मकान भी खाली कराया गया. उन्हें तीन वषों तक नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा. हालांकि आभा को अब भी भरोसा है कि देर-सबेर गुरुजी घर लौट आएंगे.

Source: shrinews.com

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