सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास पर जोर देगा केंद्र: मनमोहन

4 January, 2014 11:10 AM

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने काफी तेजी से विकास किया है.

केंद्र सरकार इस क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है.

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ‘टीसीएस’ के वैश्विक अध्ययन केंद्र का शिलान्यास करने के बाद सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार उस उद्देश्य में अपना योगदान करेगी, जो हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकता है, यानी अपने युवा वर्ग के पुरुष और महिलाओं को बड़े पैमाने पर कुशल बनाना एवं प्रशिक्षित करना है. इससे दुनिया का सबसे बड़ा अध्ययन केन्द्र बताया जा रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि रंगाचारी रिपोर्ट के बाद आईटी क्षेत्र के समक्ष आ रहे विभिन्न कराधान के मुद्दों को सुलझा दिया गया है. इसके अलावा हम आव्रजन व वीजा संबंधी मुद्दों को भी सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं, जो हार्डवेयर पारिस्थितिकी को सुधारा जा सके.

सिंह ने कहा कि हम दो सेमीकंडक्टर वॉटर फैब्रिकेशन विनिर्माण सुविधाओं की संभावना पर भी काम कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कौशल विकास के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी मेहनत से काम कर रही है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि टीसीएस का वैश्विक अध्ययन केंद्र तिरवनंतपुरम में आईटी प्रशिक्षण का सबसे बड़ा केंद्र होगा. पूरी तरह परिचालन में आने के बाद यह करीब 50,000 सहायकों को प्रशिक्षित कर सकेगा.

प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें पता चला है कि टीसीएस केरल में सॉफ्टवेयर विकास का विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित कर रही है.

सिंह ने कहा कि पिछले 20 बरस के दौरान टीसीएस भारतीय निजी उपक्रमों की सफलता का चमकता उदाहरण है और उसने वैश्विक बाजार और आईटी आधारित सेवाओं में अपना स्थान बनाया है. कंपनी ने इसके अलावा सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र में विशिष्टता का भी बेंचमार्क बनाया है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि टीसीएस वैश्विक स्तर पर 10 शीर्ष आईटी सेवा कंपनियों में है. यह देश की सबसे मूल्यवान कंपनी ही नहीं है, बल्कि प्रौद्योगिकी व सेवाओं के क्षेत्र में दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी भी है.

Source: samaylive.com

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