YEARENDER:आईटी शेयरों की चमक से नयीं ऊंचान पर शेयर बाजार

23 December, 2013 7:18 AM

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विदेशी संस्थागत निवेशकों का निवेश बढ़ने और 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद और अधिक सुधारों की उम्मीद में सेंसेक्स व निफ्टी इस साल नई ऊंचाई तक पहुंच गये.

सितंबर में रघुराम राजन के रिजर्व बैंक के गवर्नर का पद्भार संभालने और विधानसभा चुनाव में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन से सेंसेक्स व निफ्टी को नए रिकार्ड स्तर को छूने में मदद मिली.

जहां 2012 का साल ऐसा था जब भारतीय शेयर बाजारों ने वैश्विक मंदी के बाद आश्चर्यजनक तरीके से सुधार दर्ज किया.

वहीं 2013 की पहली छमाही में बाजार और मजबूत हुआ और दूसरी छमाही में बाजार में नई उम्मीद का संचार हुआ.

जहां अर्थव्यवस्था वृद्धि दर के दशक भर के निचले स्तर पर आने, ऊंची महंगाई और ब्याज दरों, चालू खाते के बढ़ते घाटे का बोझ झेल रही है,वहीं कुछ उपायों की वजह से बाद में धारणा में बदलाव हुआ.

फेडरल रिजर्व ने मई में अपने प्रोत्साहन कार्यक्रम में कटौती का संकेत दे दिया था. हालांकि,उसने अब 85 अरब डॉलर के मासिक बांड खरीद कार्यक्रम में 10 अरब डॉलर की कटौती की है. इससे बाजारों को स्थिरता हासिल करने में मदद मिली.

बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान एक समय अपने नए रिकार्ड स्तर 21,483.74 अंक को छू गया था.

2013 में अब तक सेंसेक्स में 1,653.03 अंकों की बढ़त दर्ज हुई है. 2012 में यह 19,426.71 के स्तर पर बंद हुआ था. पिछले साल सेंसेक्स 26 प्रतिशत चढ़ा था.

वर्ष 2013 में जिन बड़ी कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है उनमें टीसीएस का शेयर 68.41 फीसद चढ़ा है.

वहीं इन्फोसिस का शेयर 53.22 प्रतिशज, विप्रो 39.20 प्रतिशत, डॉ रेड्डीज लैब 37.21 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 21.56 प्रतिशत और टाटा मोटर्स 19.41 प्रतिशत चढ़े.

वहीं दूसरी ओर जिंदल स्टील का शेयर 44.01 प्रतिशत लुढ़क गया. उसके बाद एलएंडटी 33.89 प्रतिशत, भेल 27.52 प्रतिशत, एसबीआई 26.51 प्रतिशत, सनफार्मा 21.31 प्रतिशत, कोल इंडिया 19.94 प्रतिशत तथा टाटा पॉवर 17.90 प्रतिशत लुढ़क गए.

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 20 दिसंबर को कारोबार के दौरान नए उच्चस्तर 6,415.25 अंक को छू गया. पिछले साल के बंद स्तर 5,905.10 अंक के मुकाबले निफ्टी 6.25 प्रतिशत चढ़ा है.

बाजार पूंजीकरण के हिसाब से साल के दौरान निवेशकों की पूंजी 20,258 करोड़ रुपये बढ़कर 69.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गईं. हालांकि, दूसरी श्रेणी के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा.

इस साल आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, वाहन और तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों ने मामूली से लेकर बड़ा लाभ दर्ज किया.

वहीं दूसरी ओर रीयल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, बिजली, धातु, पूंजीगत सामान तथा बैंकिंग शेयरों में गिरावट आई.

Source: samaylive.com

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